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देहरादून,'दूनघाटी रंगमंच' के 'भारत संस्कृति दर्पण नाट्य महोत्सव' की तीसरी शाम विविधताभरी नाट्य प्रस्तुतियों के नाम रही। आर्डनेंस ड्रामेटिक क्लब शाहजहांपुर की प्रस्तुति 'बकरी' ने हालात की हकीकत से परिचित कराया।
कब तक 'बकरी' बने रहेंगे

जिनके पास धन है, शक्ति है और जो सत्ता-संपन्न हैं, वही सर्वशक्तिमान हैं। यह व्यवस्था आदिकाल से वर्तमान तक ज्यों की त्यों है। अन्याय, शोषण एवं उत्पीड़न की शिकार गरीब जनता आज भी वहीं खड़ी है, जहां आजादी से पूर्व थी। लेकिन, इसके लिए हम और आप कितने जिम्मेदार हैं, यही सवाल खड़ा करता नाटक 'बकरी'। सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की इस व्यंग्य, संगीत एवं हास्य प्रधान कृति का निर्देशन यशपाल कुकरेजा ने किया। प्रस्तुति संयोजक थे कल्याण राम। कलाकारों में सत्यनारायण 'जुगनू', श्रद्धा सक्सेना, एसएल सिंह, अभिनव, यशपाल कुकरेजा, अंकित सक्सेना, एपी सिंह, संजय सक्सेना, कौशलेंद्र पांडे, अनूप सक्सेना, मोनू कश्यप व रामविलास शामिल
थे।