Monday, July 23, 2012

कैप्टन लक्ष्मी सहगल की फाइल फोटो


लंबी बीमारी के बाद निधन

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सहयोगी कैप्टन लक्ष्मी सहगल का सोमवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वर्ष 1998 में उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया था। उन्होंने 2002 में राष्ट्रपति पद के लिए एपीजे अब्दुल कलाम के खिलाफ वामपंथी उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वह आज कल अपने डॉक्टरी पेशे में व्यस्त थीं और एक नर्सिंग होम चला रही थीं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ निरीक्षण करतीं

लंबी बीमारी के बाद निधन


 स्वतंत्रता सेनानी एवं आजाद हिंद फौज की रानी झांसी रेजीमेंट की कमांडर पद्मविभूषण कैप्टन डॉ. लक्ष्मी सहगल का निधन हो गया है। उन्होंने सोमवार को कानपुर मेडिकल सेंटर में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वह 98 वर्ष की थीं। लक्ष्मी सहगल की इच्छा के अनुसार निधन के तत्काल बाद उनके नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। दिल का दौरा पड़ने पर पर उन्हें गुरुवार को भर्ती कराया गया था।
कैप्टन लक्ष्मी सहगल की पुत्री पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने बताया कि उनकी इच्छा के अनुसार शुक्रवार को मेडिकल कालेज में उनका देहदान किया जायेगा।
जीवन परिचय
जन्म : 24 अक्टूबर, 1914, मद्रास
बचपन का नाम : लक्ष्मी स्वामीनाथन
पिता : एस. स्वामाीनाथन
मां : अन्ना कुंट्टी
कमांडर : रानी झांसी रेजीमेंट
शिक्षा : एमबीबीएस [1938], मद्रास मेडिकल कालेज
कर्मस्थल : मद्रास, सिंगापुर, रंगून, बर्मा, कोलकाता, दिल्ली व कानपुर
विवाह : 1946 में कर्नल पीके सहगल के साथ
आजाद हिंद फौज में शमिल हुईं 2 जुलाई,1943
कम्युनिष्ट पार्टी में आई -1971 में
पद्मविभूषण सम्मान : 1998