२०-०२-२०१३ डाक कर्मचारियो की हड़ताल की झलकियाँ
शाहजहांपुर श्रमिक संगठनों के दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान का पहला दिन व्यवस्थाओं पर भारी पड़ा। परिवहन, उद्योग, बैंक,
डाक से जुड़े कर्मियों के हड़ताल करने से जिले की रफ्तार थम सी गई। हड़ताल के कारण पब्लिक को परेशानियों से जूझना पड़ा तो उद्योगों में उत्पादन थमने,पोस्ट ऑफिस व बैंकों में लेनदेन न होने अरबों का नुकसान हुआ। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्री यहां-वहां भटकते दिखे। प्रशासनिक अधिकारियों ने हड़ताल की आंच से पब्लिक को बचाने के लिए इंतजाम किए थे लेकिन नाकाफी साबित हुए। हड़ताल के दौरान कहीं से किसी तरह की हिंसा या अराजकता की खबर नहीं मिली। श्रमिक संगठन महंगाई, विकास का पहिया थमने समेत कामगारों की कई मांगों के समर्थन में दो दिनों की हड़ताल पर हैं। हड़ताली कर्मचारियों की सुबह से ही चहुंओर सुनाई पड़ रही गर्जना केंद्र सरकार से आरपार की लड़ाई का संदेश दे रही थी। रैली में सुरक्षा के मद्देनजर मद्देनजर पुलिस, पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।
वित्तीय संस्थानों में हड़ताल के कारण अरबों का कारोबार प्रभावित होने की आशंका पहले दिन जताई गई। बैंककर्मी, डाककर्मी, एलआइसी, इंश्योरेंस संस्थानों के कर्मी अपने-अपने यूनियनों के बैनर तले हड़ताल को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे। सड़क पर सैकड़ों की तादाद में अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नगर भ्रमण करते रहे। जानकारों के मुताबिक बैंक कर्मियों के हड़ताल के कारण करीब 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उधर बैंकों में ताले लटकता देख परेशान हालत में यहां-वहां भटकते रहे। केंद्र सरकार के निर्देश पर एटीएम को पब्लिक की सेवा में तैयार रखा था। यह व्यवस्था भी दम तोड़ गई।
ओसीएफ फैक्टरी, कृभको श्याम फर्टीलाइजर्स, रोजा शुगर वर्क्स आदि फैक्टरियों के मजदूरों के हड़ताल के कारण उत्पादन प्रभावित रहा। हड़ताली मजदूर अपने-अपने यूनियन के बैनर तले आंदोलन को धारदार बनाने में जुटे रहे। ओसीएफ कर्मियों ने फैक्टरी गेट के सामने यूनियन के बैनर तले धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर आवाज बुलंद करते रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि रक्षा उत्पादन में निजीकरण रोकने, खाली पड़े पदों पर नियुक्ति समेत 15 सूत्रीय मांगों को पूरा करने में लेटलतीफी का केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। नई पेंशन योजना का रद कर प्रत्येक कर्मचारी के समान पेंशन योजना लाने की मांग उठाई गई।
वित्तीय संस्थानों में हड़ताल के कारण अरबों का कारोबार प्रभावित होने की आशंका पहले दिन जताई गई। बैंककर्मी, डाककर्मी, एलआइसी, इंश्योरेंस संस्थानों के कर्मी अपने-अपने यूनियनों के बैनर तले हड़ताल को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे। सड़क पर सैकड़ों की तादाद में अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नगर भ्रमण करते रहे। जानकारों के मुताबिक बैंक कर्मियों के हड़ताल के कारण करीब 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उधर बैंकों में ताले लटकता देख परेशान हालत में यहां-वहां भटकते रहे। केंद्र सरकार के निर्देश पर एटीएम को पब्लिक की सेवा में तैयार रखा था। यह व्यवस्था भी दम तोड़ गई।
ओसीएफ फैक्टरी, कृभको श्याम फर्टीलाइजर्स, रोजा शुगर वर्क्स आदि फैक्टरियों के मजदूरों के हड़ताल के कारण उत्पादन प्रभावित रहा। हड़ताली मजदूर अपने-अपने यूनियन के बैनर तले आंदोलन को धारदार बनाने में जुटे रहे। ओसीएफ कर्मियों ने फैक्टरी गेट के सामने यूनियन के बैनर तले धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर आवाज बुलंद करते रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि रक्षा उत्पादन में निजीकरण रोकने, खाली पड़े पदों पर नियुक्ति समेत 15 सूत्रीय मांगों को पूरा करने में लेटलतीफी का केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। नई पेंशन योजना का रद कर प्रत्येक कर्मचारी के समान पेंशन योजना लाने की मांग उठाई गई।
साभार- दैनिक जागरण
