समस्या है , तो जिन्दगी है I
जिन्दगी है तो समस्या है I
घबराकर क्या करोगे ,
ब्लडप्रेशर हाई या लो ,
बीमार हो जाओगे I
कुछ काम ना कर पाओगे I
समस्या का निदान खोजो,
किस्मत की बात कहकर ,
दुःख न भोगो I
जिन्दगी अनमोल है,
इसे व्यर्थ न गवाओ,
हो सके तो ,
किसी के काम आओ I
किसी के चेहरे पर मुस्कराहट लाओ I
किसी के दर्द की दवा बन जाओ I
हमेशा खुश रहो ,
समाज में खुशियाँ फैलाओ,
मनुष्य का जन्म सार्थक कर जाओ I
अरुण प्रताप सिंह भदौरिया
( कवि , रंगकर्मी , फिलेटलिस्ट , ट्रेड यूनियन लीडर )