काश अब कोई जिन्दा नजर आये ,
मुर्दापरस्ती से हमें भी बचाय I
सच को शूली पर जिन्होंने है टांगा,
उन्हें मौत की सजा तो सुनाये I
काश अब कोई ज़िंदा नजर आये I I
- अरुण प्रताप सिंह भदौरिया
मुर्दापरस्ती से हमें भी बचाय I
सच को शूली पर जिन्होंने है टांगा,
उन्हें मौत की सजा तो सुनाये I
काश अब कोई ज़िंदा नजर आये I I
- अरुण प्रताप सिंह भदौरिया