Friday, July 26, 2013

जनता का उपहास







भोजन की कीमत पांच रूपए जो आज बताते है I
उनसे पूंछो वह एसी से कब बाहर आते है I
चैनल पर आकर वह जनता का उपहास उड़ाते है I
भूंखी नंगी जनता के घाव का दर्द बढाते है I
                  अरुण प्रताप सिंह भदौरिया 'राज'

Wednesday, July 24, 2013

कुदरत का क्रोध


पेड़ काटना बंद करो , पानी को मत रोको I
पर्यावरण के वारे में , अब कुछ तो सोचो  I
      नदिओं पर बाँध बनाकर, क्या तुमने है पाया I
    अपने ही कर्मो से , कुदरत का क्रोध जगाया I
                अरुण प्रताप सिंह भदौरिया 'राज'



Monday, July 22, 2013

एपी सिंह को पोस्टल इंप्लाइज यूनियन की सौंपी कमान

आल इंडिया पोस्टल इम्प्लाइज यूनियन ग्रुप सी के द्विवार्षिक अधिवेशनको संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष 
 अरुण प्रताप सिंह


शाहजहांपुर : आल इंडिया पोस्टल इम्प्लाइज यूनियन ग्रुप सी के द्विवार्षिक अधिवेशन सहायक मंडल सचिव अरुण प्रताप सिंह को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया गया। रामभरत को कार्यवाहक अध्यक्ष तथा सुरेन्द्र कुमार चौहान  को पुनः  मंडलसचिव का दायित्व सौंपा गया है।
प्रधान डाकघर में आयोजित द्विवार्षिक अधिवेशन  में अखिल भारतीय केंद्रीय कर्मचारी  समन्वय समिति के महामंत्री , पोस्टल इम्प्लाइज यूनियन ग्रुप सी के सहायक मंडल सचिव , एपी सिंह को सर्वसम्मति से मंडल अध्यक्ष चुन लिया गया। उपाध्यक्ष पद पर मधुबाला श्रीवास्तव, रामप्रताप, दिलीप कुमार सिंह,सहायक मंडलीय सचिव ब्रह्मा सिंह, अमित कुमार सिंह, राजेश कुमार, प्रशांत गुप्ता  कोषाध्यक्ष राकेश कुमार सक्सेना संगठन मंत्री  राघवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रोदय कुमार सिंह, देशराज को चुना गया।
साभार - दैनिक जागरण 




 अधिबेशन में उपस्थित शाहजहांपुर मंडल के डाक कर्मचारी 

फोटो - अरुण प्रताप सिंह

Sunday, July 21, 2013

आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन का द्वि-वार्षिक अधिवेशन 21-07-2013

आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन का द्वि-वार्षिक अधिवेशन 21-07-2013 को प्रधान डाकघर शाहजहांपुर  परिसर में संपन्न  हुआ। साथ ही संगठन के तीन वर्गों का चुनाव भी संपन्न हुआ, जिसके सभी पदाधिकारियों को निर्विरोध चुना गया। अधिवेशन की अध्यक्षता जेपी शुक्ल रहे एवं चुनाव प्रेक्षक पोस्ट मास्टर प्रधान डाकघर सुशील कुमार की देखरेख में हुआ। 

आल इंडिया पोस्टल एम्प्लाइज यूनियन ग्रुप ' सी ' शाहजहांपुर मंडल के पदाधिकारियो की सूची -

 अध्यक्ष                -     अरुण प्रताप सिंह

कार्य वाहक अध्यक्ष -      राम भरत

उपाध्यक्ष              -     1.  मधुवाला श्रीवास्तव  2.रामप्रताप  3. दिलीप कुमार सिंह

 मंडलीय सचिव      -       सुरेंद्र कुमार

सहा०मंडलीय सचिव-   1. ब्रह्मा सिंह  2. अमित कुमार सिंह 3. राजेश कुमार II  4. प्रशांत गुप्ता

कोषाध्यक्ष             -       राकेश कुमार सक्सेना

संगठन मंत्री           -      1. राघवेंद्र प्रताप सिंह  2.चंद्रोदय कुमार सिंह 3. संगीता श्रीवास्तव 4. देशराज
आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन पोस्टमैन एंड ग्रुप डी शाहजहांपुर मंडल के पदाधिकारियो की सूची -

अध्यक्ष                -     मो. शाहिद सिद्दीकी 
उपाध्यक्ष              -     1.  विश्राम सागर मिश्रा 2.शराफत अली 3.मुनीश कुमार शुक्ला
 मंडलीय सचिव      -       आशाराम
सहा०मंडलीय सचिव-   1. सुजातउल्ला 2. अशोक कुमार त्रिपाठी  3. देवेंद्र स्वरूप कश्यप
कोषाध्यक्ष             -       रजनीश कुमार शुक्ला
संगठन मंत्री           -      1. जमशेद  2. रामऔतार 3. श्रीपाल गुप्ता 4. अनिल यादव 5.अजय कुमार

आल इंडिया पोस्टल ईडी इंप्लाइज यूनियन शाहजहांपुर के पदाधिकारियो की सूची -
 अध्यक्ष                -    प्रेमपाल सिंह
उपाध्यक्ष              -    1. सुरेश पाल सिंह 2.युवराज वर्मा  3.संजीव शुक्ला 
 मंडलीय सचिव      -     विष्णु दत्त मिश्रा
सहा०मंडलीय सचिव-  1.  राजकुमार  2.सुखदेव सिंह  3.पुत्तूलाल
कोषाध्यक्ष             -      दिलीप कुमार
सहायक कोषाध्यक्ष -  आदित्य कुमार सक्सेना
संगठन मंत्री           -   1. मुन्नालाल 2.विकास चंद्र शुक्ल 3.ऊषा कुमारी 4.भगवानदीन 5.सुरेश कुमार
लेखा परीक्षक     -  निर्मला देवी

पोस्टल इंप्लाइज यूनियन का हुआ अधिवेशन

Shahjahanpur | अंतिम अपडेट 22 जुलाई 2013 5:33 AM IST पर
चुनाव में सभी सदस्य हुए निर्विरोध निर्वाचित
- अधिवेशन के बाद यूनियन के तीन वर्गोें का हुआ चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियाें और पोस्टल कर्मियों का अधिवेशन शहर के प्रधान डाकघर में रविवार को हुआ। साथ ही संगठन के तीन वर्गों का चुनाव भी संपन्न हुआ, जिसके सभी पदाधिकारियों को निर्विरोध चुना गया। अधिवेशन की अध्यक्षता जेपी शुक्ल रहे एवं चुनाव प्रेक्षक पोस्ट मास्टर प्रधान डाकघर सुशील कुमार की देखरेख में हुआ।
आल इंडिया ईडी इंप्लाइज यूनियन के चुनाव में प्रेमपाल सिंह को अध्यक्ष, सुरेश पाल सिंह, युवराज वर्मा, संजीव शुक्ला को उपाध्यक्ष, विष्णु दत्त मिश्रा को मंडलीय सचिव, राजकुमार, सुखदेव सिंह, पुत्तूलाल को सहायक मंडलीय सचिव, दिलीप कुमार को कोषाध्यक्ष, आदित्य कुमार सक्सेना को सहायक कोषाध्यक्ष, मुन्नालाल, विकास चंद्र शुक्ल, ऊषा कुमारी, भगवानदीन, सुरेश कुमार को संगठन मंत्री एवं निर्मला देवी को लेखा परीक्षक निर्विरोध निर्वाचित किया गया।
आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के ‘ग्रुप सी’ के चुनाव में एपी सिंह को अध्यक्ष, राम भरत को कार्यवाहक अध्यक्ष, मधुवाला श्रीवास्तव, रामप्रताप, दिलीप कुमार को उपाध्यक्ष, सुरेंद्र कुमार को मंडलीय सचिव, ब्रह्मा सिंह, अमित कुमार सिंह, राजेश कुमार, प्रशांत गुप्ता को सहायक मंडलीय सचिव, राकेश कुमार सक्सेना को कोषाध्यक्ष, राघवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रोदय कुमार सिंह, संगीता श्रीवास्तव, देशराज को संगठन मंत्री निर्वाचित किया गया।
उधर, आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन पोस्टमैन एंड ग्रुप डी के चुनाव में मो. शाहिद को अध्यक्ष, विश्राम सागर मिश्रा, शराफत अली, मुनीश कुुमार शुक्ला को उपाध्यक्ष, आशाराम को मंडलीय सचिव, सुजातउल्ला, अशोक कुमार त्रिपाठी, देवेंद्र स्वरूप कश्यप को सहायक मंडलीय सचिव, रजनीश कुमार शुक्ला को कोषाध्यक्ष, जमशेद, रामऔतार, श्रीपाल गुप्ता, अनिल यादव, अजय कुमार को संगठन मंत्री निर्विरोध निर्वाचित किया गया।

Sunday, July 14, 2013

टेलीग्राफ सेवा बंद


एक जमाने में तत्काल खुशखबरी या आपात दुखद सूचनाएं पहुंचाने वाली टेलीग्राम सेवा का आज अंतिम दिन है। नई तकनीक और सूचनाओं के नए स्रोतों मसलन स्मार्ट फोन, ई-मेल और एसएमएस के इस युग में पिछड़ चुकी 160 साल पुरानी टेलीग्राफ सेवा आज से बंद हो जाएगी।
sabhaar-dainik jagran

Friday, July 12, 2013

हिंदी फिल्मों के 'प्राण' नहीं रहे


भारतीय सिनेमा के आन बान और शान थे प्राण



खलनायकी को दिया नया आयाम
भारतीय सिनेमा जगत में प्राण एक ऐसे खलनायक थे जिन्होंने पचास और सत्तर के दशक के बीच फिल्म इंडस्ट्री पर खलनायकी के क्षेत्र में एक छत्र राज किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। जिस फिल्म में प्राण होते दर्शक उसे देखने अवश्य सिनेमा हॉल जाया करते थे।
इस दौरान उन्होंने जितने भी फिल्मों में अभिनय किया उसे देखकर ऐसा लगा कि उनके द्वारा अभिनीत पात्रों का किरदार केवल वे ही निभा सकते थे। तिरछे होंठो से शब्दों को चबा, चबा कर बोलना, सिगरेट के धुंओं का छल्ले बनाना और चेहरे के भाव को पल पल बदलने में निपुण प्राण ने उस दौर में खलनायक को भी एक अहम पात्र के रूप में सिने जगत में स्थापित कर दिया।
खलनायकी को एक नया आयाम देने वाले प्राण के पर्दे पर आते ही दर्शकों के अंदर एक अजीब सी सिहरन होने लगती थी। प्राण की अभिनीत भूमिकाओं की यह विशेषता रही है कि उन्होंने जितनी भी फिल्मों मे अभिनय किया उनमें हर पात्र को एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया।
साभार - अमर उजाला
हर किरदार को एक नया आयाम देने वाले महान एक्टर प्राण साहब को मेरा शत-शत नमन I 
                                                                                      अरुण प्रताप सिंह भदौरिया

Thursday, July 11, 2013

जिन्दगी से मौत तक की दर्दनाक दास्तां.

जिन्दगी से मौत तक की दर्दनाक दास्तां.......११-७-२०१३ बहराइच !! पूर्व विधायक भगौती प्रसाद.... नाम आप में से ज्यादातर लोगों ने नहीं सुना होगा। भगौती प्रसाद दो बार श्रावस्ती की इकौना सुरक्षित सीट से विधायक रहे लेकिन अब मरने के बाद उनके कफन तक के लाले पड़ गये. 70 के दशक में दो बार विधायक रहने के बाद भी ईमानदारी और उसूलों की वजह से पूरी जिंदगी मुफलिसी में गुजारी और 70 साल की उम्र में इलाज के बिना मौत हुई तो बेटों के पास इतने पैसे नहीं थे कि कफन नसीब हो। गांव वालों ने चंदा करके उनका अंतिम संस्कार किया. भगौती प्रसाद पंचतत्व में विलीन हो गए, लेकिन उसूलों के लिए उनके संघर्ष की कहानी आगे भी जिंदा रहेगी. उन्होंने 1990 से 2000 तक गांव मदारा के चौराहे पर चाय और चने बेचे, खेतों में मजूदरों के साथ कुदाल भी चलाई लेकिन किसी के सामने हाथ नहीं फैलाया। सवाल यह है कि क्या हम इससे प्रेरणा और सीख लेंगे। भगौती प्रसाद के तीन बेटे हैं, लेकिन किसी के पास नौकरी नहीं है। सभी खेती का काम करते हैं। दूसरे नंबर के बेटे गांधी प्रसाद ने कहा, ' मेरे पिता एक ईमानदार नेता था। वह कभी भी किसी के पास मदद के लिए नहीं गए। 8 महीने से उनकी तबीयत काफी खराब थी और पेंशन लेने लखनऊ तक नहीं जा पा रहे थे।' आज की चकाचौंध भरी राजनीति के आगे भगौती प्रसाद की दास्तां बेहद दर्दनाक है। उत्तर-प्रदेश के श्रवस्ती जिले में इकौना थाना क्षेत्र के मदारा गांव के रहने वाले भगौती प्रसाद ने अपना राजनीतिक सफर पूर्व सांसद केके नय्यर के मार्गदर्शन में वर्ष 1964 में शुरू किया था। इसके बाद जनसंघ के टिकट पर वह 1967 और 1969 में दो बार इकौना के विधायक चुने गए। गांधीवादी विचारधारा के भगौती प्रसाद ने कभी भी अपने सिद्धांतों और आदर्शों से समझौता नहीं किया। वर्तमान दौर के नेताओं को देखकर शायद ही किसी को यकीन हो कि दो बार विधायक रहने के बाद भी उन्हें 10 साल तक चाय और चने बेचकर पेट की आग बुझानी पड़ी। भगौती प्रसाद हर्निया और दमे से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर पिछले सप्ताह परिवार वालों ने उन्हें शहर के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया, लेकिन कुल जमा पूंजी तीन दिन में ही खत्म हो गई। इसके बाद रविवार को उन्हें बहराइच जिला अस्पताल लाया गया। पहले तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें डेढ़ घंटे तक भर्ती नहीं किया और वह फर्श पर ही तड़पते रहे। स्थानीय मीडिया में जब बात आई तब डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती तो किया, लेकिन इलाज में हीलाहवाली जारी रही। सोमवार को हर्निया के ऑपरेशन के लिए उन्हें एक यूनिट ब्लड की जरूरत थी, लेकिन छह घंटे तक इसलिए ऑपरेशन नहीं हो सका क्योंकि परिवार के पास ब्लड खरीदने के लिए एक हजार रुपये नहीं थे। घंटों पीड़ा से गुजरने के बाद उन्हें एक यूनिट ब्लड मिला और इलाज शुरू हुआ। साफ है कि मुफलिसी में पैदा हुए भगौती प्रसाद का साथ जीवन भर मुफलिसी ने नहीं छोड़ा। अंतिम समय भी मुश्किलों भरा रहा......LOK JUNG .Thursday, July 11, 2013