भारतीय सिनेमा के आन बान और शान थे प्राण
खलनायकी को दिया नया आयाम
भारतीय सिनेमा जगत में प्राण एक ऐसे खलनायक थे जिन्होंने पचास और सत्तर के दशक के बीच फिल्म इंडस्ट्री पर खलनायकी के क्षेत्र में एक छत्र राज किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। जिस फिल्म में प्राण होते दर्शक उसे देखने अवश्य सिनेमा हॉल जाया करते थे।
इस दौरान उन्होंने जितने भी फिल्मों में अभिनय किया उसे देखकर ऐसा लगा कि उनके द्वारा अभिनीत पात्रों का किरदार केवल वे ही निभा सकते थे। तिरछे होंठो से शब्दों को चबा, चबा कर बोलना, सिगरेट के धुंओं का छल्ले बनाना और चेहरे के भाव को पल पल बदलने में निपुण प्राण ने उस दौर में खलनायक को भी एक अहम पात्र के रूप में सिने जगत में स्थापित कर दिया।
खलनायकी को एक नया आयाम देने वाले प्राण के पर्दे पर आते ही दर्शकों के अंदर एक अजीब सी सिहरन होने लगती थी। प्राण की अभिनीत भूमिकाओं की यह विशेषता रही है कि उन्होंने जितनी भी फिल्मों मे अभिनय किया उनमें हर पात्र को एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया।
साभार - अमर उजाला
हर किरदार को एक नया आयाम देने वाले महान एक्टर प्राण साहब को मेरा शत-शत नमन I
अरुण प्रताप सिंह भदौरिया


