Wednesday, July 24, 2013

कुदरत का क्रोध


पेड़ काटना बंद करो , पानी को मत रोको I
पर्यावरण के वारे में , अब कुछ तो सोचो  I
      नदिओं पर बाँध बनाकर, क्या तुमने है पाया I
    अपने ही कर्मो से , कुदरत का क्रोध जगाया I
                अरुण प्रताप सिंह भदौरिया 'राज'