Monday, March 19, 2012

कोहली के धमाल ने किया कमाल

                

विराट कोहली ने 183 रन 148 गेंदों मे बना कर पाकिस्तान द्वारा बनाए 329  रनों के विशाल स्कोर को बहुत ही छोटा साबित कर दिया सचिन और रोहित की अर्ध शतकीय पारी ने दिखा दिया की हमें कम आंकने की गलती मत कर देना ! मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर  की जितनी तारीफ़ की जाय उतनी कम है ! वालिंग में निराश किया गया ! बंगलादेश से हारना काफी खला किन्तु सचिन के महा शतक से ख़ुशी मिली ! पकिस्तान पर जीत से हर क्रिकेट प्रेमी को खुशी मिली ! मेरी सुभकामनाये ! जीत का सिलसिला  जारी  रहे एशिया कप जीत कर अपना दम दिखाओ !

आखिर राजनीति के हुए शिकार रेल मत्री

    राजनीति के हुए शिकार रेल मत्री दिनेश त्रिवेदी , आखिर उनसे इस्तीफा ले ही लिया गया ममता की कठोरता का एक और उदाहरण मिला प्रधान मंत्री की मजबूरी साफ़ दिखाई  दे गई ,कुछ भी हो लेकिन सरकार चलती रहनी चाहिए, स्पष्ठ है की मंत्री जब तक अपनी पार्टी के मुखिया के इशारों पर चलेगा तभी तक बह मंत्रिमंडल मैं  रह सकेगा ! लोकतंत्र को कठपुतली तंत्र बनाने वाले लोगो को अब नकारना होगा ! यह एक बहुत गलत परंपरा पड़ी है ! जिसका सभी को मिलकर विरोध करना चाहिए ! मुझे अपनी एक रचना की पंक्तियाँ याद आ रही है -
  कुछ बोलो मत तुम मौन रहो , फिर चाहे जिसकी कौम रहो  !

Friday, March 16, 2012

दादा ने की जनता से दादागीरी - आम बजट सियासत की मजबूरियों से ओत -प्रोत दिखा

           
कार्टून साभार -bamulahijaa                                      कार्टून  साभार -bamulahijaa









बजट-2012  मेरी नज़र में -
आम आदमी का बजट ना होकर एक बर्ग विशेष को सुबिधा देने वाले इस बजट ने मध्यम वेतन 
भोगी कर्मचारिओं के साथ एक भद्दा मजाक किया है जहाँ एक ओर 10 लाख सालाना से कम वेतन
  पाने वालों को 2060 रुपया सालाना कर से राहत मिलेगी वहीँ दूसरी ओर 10 लाख रुपया से अधिक
सालाना वेतन पाने बालों को 22660 रुपया सालाना फायेदा होगा यह कैसा मजाक किया गया!
            आम आदमी का वोट  लेकर   संसद में जाने वाले उसी आम आदमी को भूल जाते हैं !
 और ख़ास लोगों को फायदा पहुचाने का काम करते !
              सर्बिस टैक्स 10  से 12 प्रतिशत करके  महगाई को बढाने का काम किया है !
               प्रधान मंत्री जी कह रहे हैं की पेट्रोलिंऍम पदार्थ और महेंगे होंगे !

              मतलब साफ़ है की महगाई की मार सहने के लिए तैयार रहिये ! 

                   लेकिन आप लोग भी तैयार रहिये की 2014 में किस मुह से आम जनता के वोट ले पाओगे!
 क्या कहोगे कर्मचारी से ! कर्मचारिओं की सुबिधाओं पर लगातार डाका डाला जा रहा है !
 भूंख से तड़पते यह आम लोग ! चीथड़ों में लिपटा आम आदमी !काम करता बचपन !
तुम्हारे भाषण नहीं पेट भरने की जुगाड़ चाहता है ! क्या आप सोचेंगे ऐसे आम आदमी के वारे में !

                                                                                                        अरुण प्रताप सिंह भदौरिया