श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया
ऐसी रंग दे के रंग नाही छूटे
धोबिया धोए ये चाहे सारी उमरिया
लाल न रंगाउँ मैं,हरी न रंगाउँ मैं
अपने ही रंग में रंग दे चुनरिया
बिना रंगाये मैं तो घर नही जाउंगी
बीत ही जाए चाहे ये सारी उमरिया |
-मीराबाई
पर्व ये ऐसा जब रंग सारे खिलते है,
बैर और दुश्मनी के दंभ सारे धुलते हैं,
बहता है रंग जो चहुं ओर
मित्रता के संगत बनते हैं
आप सभी को होली की शुभकामनाएं!
ARUN PRATAP SINGH BHADAOURIA
KALYAN RAM
SURENDRA KUMAR CHAUHAN ASHWANI ARYA
IQRAR HUSAIN BABU SINGH
A.K.TRIVEDI H.S.THAPA