Friday, March 16, 2012

दादा ने की जनता से दादागीरी - आम बजट सियासत की मजबूरियों से ओत -प्रोत दिखा

           
कार्टून साभार -bamulahijaa                                      कार्टून  साभार -bamulahijaa









बजट-2012  मेरी नज़र में -
आम आदमी का बजट ना होकर एक बर्ग विशेष को सुबिधा देने वाले इस बजट ने मध्यम वेतन 
भोगी कर्मचारिओं के साथ एक भद्दा मजाक किया है जहाँ एक ओर 10 लाख सालाना से कम वेतन
  पाने वालों को 2060 रुपया सालाना कर से राहत मिलेगी वहीँ दूसरी ओर 10 लाख रुपया से अधिक
सालाना वेतन पाने बालों को 22660 रुपया सालाना फायेदा होगा यह कैसा मजाक किया गया!
            आम आदमी का वोट  लेकर   संसद में जाने वाले उसी आम आदमी को भूल जाते हैं !
 और ख़ास लोगों को फायदा पहुचाने का काम करते !
              सर्बिस टैक्स 10  से 12 प्रतिशत करके  महगाई को बढाने का काम किया है !
               प्रधान मंत्री जी कह रहे हैं की पेट्रोलिंऍम पदार्थ और महेंगे होंगे !

              मतलब साफ़ है की महगाई की मार सहने के लिए तैयार रहिये ! 

                   लेकिन आप लोग भी तैयार रहिये की 2014 में किस मुह से आम जनता के वोट ले पाओगे!
 क्या कहोगे कर्मचारी से ! कर्मचारिओं की सुबिधाओं पर लगातार डाका डाला जा रहा है !
 भूंख से तड़पते यह आम लोग ! चीथड़ों में लिपटा आम आदमी !काम करता बचपन !
तुम्हारे भाषण नहीं पेट भरने की जुगाड़ चाहता है ! क्या आप सोचेंगे ऐसे आम आदमी के वारे में !

                                                                                                        अरुण प्रताप सिंह भदौरिया