Thursday, May 1, 2014

अखिल भारतीय केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति की श्रमिक सभा श्रमिक दिवस-2014


अखिल भारतीय केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति की श्रमिक सभा आल इंडिया पोस्टल इम्पलाइज यूनियन कार्यालय प्रधान डाकघर पर हुई। अध्यक्षता समिति अध्यक्ष कल्याण राम ने की। संचालन महामंत्री अरुण प्रताप सिंह ने किया। ओसीएफ के सहायक कार्य प्रबंधक अनुराग यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि सच्चा श्रमिक वही है जो कार्य को ईमानदारी और लगन के साथ करते हुए संगठन में दायित्व का निर्वहन करे। महामंत्री अरुण प्रताप, समन्वय समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार चौहान, समन्वय समिति के उपाध्यक्ष इकरार हुसैन, समन्वय समिति के सहायक महामंत्री डीएन यादव व परमजीत सिंह, संगठन मंत्री प्रमोद श्रीवास्तव, प्रचार मंत्री रामसरन राठौर, संरक्षक अश्वनी कुमार आर्य, अध्यक्ष कल्याण राम ने भी संबोधित किया। महामंत्री अरुण प्रताप सिंह की ओर से समन्वय समिति का ब्लाग बनाया गया जिसकी सभी ने सराहना की। रामधीरज, एचएस थापा, सुरेश चंद्र सक्सेना, राजेश बख्श, विष्णुदत्त मिश्र, शाहिद सिद्दीकी, राकेश कुमार सक्सेना ने विचार व्यक्त किए। राघवेंद्र प्रताप सिंह, मनीष भट्ट, चंद्रप्रकाश, देवकी नंदन, रजनीश कुमार, आसाराम, विद्यासागर मिश्र, सच्चिदानंद, रामौतार, देवेंद्र स्वरूप, शुजातउल्ला, राजेश कुमार, जमशेद खां, संगीता श्रीवास्तव, रामप्रताप, मधुबाला श्रीवास्तव, प्रेमपाल, रामपाल, रामभरत, मंजू कश्यप, राजेश कुमार, पवन, अनूप, राघवेंद्र प्रताप सिंह, प्रेमशंकर, दिलीप कुमार दीक्षित, अनिल कुमार, महेश, बीएस यादव, एके आर्या, ब्रह्मा सिंह, राजवीर यादव, अमर कुमार सक्सेना, एसपी सिंह, सुरेश चंद्र सक्सेना, मो. यूनुस, परमजीत सिंह, इकरार हसैन व रामधीरज मौजूद थे। 












Sunday, April 27, 2014

श्रमिक दिवस - 2014

अखिल भारतीय केंद्रीय कर्मचारी
समन्वय समिति , शाहजहाँपुर

 श्रमिक सभा
दिनांक - 1 मई 2014 समय सायं 5 .30 बजे

स्थान - आल इंडिया पोस्टल एम्प्लाइज यूनियन कार्यालय ,

 प्रधान डाकघर ,शाहजहाँपुर

      
आप सादर आमंत्रित हैं
निवेदक
कल्याणराम                 अरुण प्रताप सिंह
             अध्यक्ष                         महामंत्री
        

Thursday, April 17, 2014

अशोक रावत की ग़ज़लें


(2 )
 लियाक़त है न मेरे पास जीने का क़रीना है,
मगर एक हौसला है,चाहे जो हो मुझको जीना है.

समंदर ही समंदर है, जहाँ तक देख पाता हूँ,
मुझे किस बात का डर हो, कहाँ मेरा सफ़ीना है.

मैं अपने घर को केवल घर नहीं मंदिर समझता हूँ,
यही काशी यही मथुरा यही मेरा मदीना है.

किसी अंजाम तक पहुँचे न पहुँचे ग़म नहीं मुझको,
मेरी नज़रों में हर पत्थर,चमकता एक नगीना है.

तसल्ली है मुझे इस बात की मैं सो तो लेता हूँ,
मेरे हाथों की हर रेखा में मेहनत का पसीना है.

मेरे बच्चों की गुल्लक में भी शायद कुछ नहीं होगा,
मगर संकल्प है मन में कि अपने दम पे जीना है

(3) 

मुझसे नफ़रत भी करते हैं, मेरे दीवाने भी हैं,
उलझी उलझी चाहत के कुछ ऐसे अफ़साने भी हैं.

तन्हाई का शोर जहाँ पर चैन नहीं लेने देता,
जिनमें पूरी दुनिया है कुछ ऐसे वीराने भी हैं.

जिन लोगों ने पत्थर फैंके उनमें कोई ग़ैर नहीं,
क्या बोलूँ सब अपने हैं और जाने पहचाने भी हैं.

कुछ जाने पहचाने साये रहते हैं एक मुद्दत से,
मेरे भीतर सीले-सीले से कुछ तहख़ाने भी हैं.

उनके बारे में सोचूँ तो दिल को राहत मिलती है,
झूठ नहीं बोला करते कुछ ऐसे पैमाने भी हैं.

(4)
 इतना हो, मुझको दुख की परवाह न हो,
मर जाऊँ लेकिन होठों पर आह न हो.

जीने का आनंद इसी जीने में है,
जीना हो लेकिन जीने की राह न हो.

जैसे खुशबू फूलों में बस जाती है,
तुझ में रहूँ और मुझको तेरी चाह न हो.

जितने अँधेरे हैं सब मेरे वश में हैं,
कोई उजाला अब मेरा हमराह न हो.

मेरी गज़लें हैं सच्ची पहचान मेरी,
कोई मेरे चेहरे से गुमराह न हो.

पहले मेरी बस्ती में स्कूल खुले,
बेशक़ उसमें मंदिर या दरगाह न हो.

कोई कुछ भी बोले ये नामुमकिन है,
अच्छे शेर हों लेकिन उन पर वाह न हो

मतदान करो

मतदान कीजिए सभी मतदान कीजिए
इस लोकतंत्र पर्व का सम्मान कीजिए

संसद में जो भी जाए वो आदमी अच्छा हो,
हर शख्स से ये आप आह्वान कीजिए

मतदान करना है जरूरी दान की तरह,
किसी पात्र व्यक्ति को ही ये दान कीजिए

अपराधी आ रहे हैं राजनीति में बहुत,
पूरे न आप उनके अरमान कीजिए

मतदान कीजिए सभी मतदान कीजिए

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- by Prasanna Badan Chaturvedi
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मत दान करो ,कुपात्र को.
मतदान करो , सुपात्र को.


-by Devendra P. Bhatnagar "Vichitra"

Friday, March 14, 2014

होली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं


आप सभी को होली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं , आज प्रेम का रंग बरसायें । नफरत की होलिका जलायें।गिले शिकबे भुलाकर  सबको गले लगाएं I

Friday, February 14, 2014

POSTAL EMPLYEES STRIKE 13-02-2014



DAINIK JAGRAN - 14-02-2014

दूसरे दिन भी गरजे डाक कर्मी

जासं, शाहजहांपुर : नेशनल फेडरेशन आफ पोस्टल इम्प्लाइज के आह्वान पर यहां दूसरे दिन भी डाक कर्मी हड़ताल पर रहे। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हड़ताल से विभाग को करोड़ों का नुकसान पहुंचा है। हजारों लोग डाक सेवा से परेशान रहे।
आल इंडिया पोस्टल इम्पलाइज यूनियन ग्रुप सी, पोस्टमैन एवं पीडीएस संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने गुरुवार को भी प्रधान डाकघर के गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। कचहरी, कृष्णानगर, शाहजहांपुर सिटी, ओसीएफ, आरएल रोजा, बंडा, जलालाबाद समेत करीब दर्जन भर डाकघरों में ताला लग गया। अन्य डाकघरों का भी कामकाज प्रभावित रहा। आल इंडिया पोस्टल इम्प्लाइज यूनियन ग्रुप सी के अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने हड़ताल सफलता के लिए साथियों को बधाई दी, कहा कि एकता की ताकत से कर्मचारियों ने यह सिद्ध कर दिया कि हितों के साथ कुठाराघात करने वालों का हश्र बुरा होगा। मंडलीय सचिव सुरेंद्र कुमार चौहान ने पीएफडीआर, डीए बिल, पेंशन के मुद्दे समेत रिक्त पदों के भरे जाने को हुंकार भरी। कोषाध्यक्ष राकेश सक्सेना, पोस्टमैन यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद, बीडीएस के विष्णुदत्त मिश्र ने ग्रामीण डाक सेवकों का नियमतीकरण पर जोर दिया। प्रदर्शन में रजनीश शुक्ल, मधुबाला श्रीवास्तव, श्रीपाल गुप्ता, मुनीश शुक्ल, प्रशांत गुप्ता, ब्रह्मा सिंह, महेश, राजेशवरी, ऋचा सक्सेना, देशराज, देवेंद्र स्वरूप, अमित यादव, जमशेद, महेश चंद्र, संगीता, डीआर राना, एके निगम, कृष्णपाल, अशोक दीक्षित, मंजू कश्यप, आशा जौहरी, मंजू श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम, हरिशंकर, पुत्तन खां, राघवेंद्र, मनीश, निर्मला देवी, अनिल कुमार, जमाल, गेंदा देवी, चंद्रोदय, राजेश कुमार, जितेंद्र, संजीव, रामौतार, जगदीश प्रसाद, वीरेश, ओमप्रकाश अवस्थी, अरुण कुमार, अनिल यादव, अरविंद यादव, रामदास, पवन वर्मा, आशाराम, मंसूब हसन, शुजात उल्ला, पीएल भास्कर, अनूप कुमार, हरद्वारी, अजय सिंह, राजेश कुमार, रविमोहन, रविंद्र पाल, आरएस विंद समेत दर्जनों लोग शामिल थे।

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 हड़ताल की झलकियां









Thursday, February 13, 2014

हड़ताल - 12-02-2014

DAINIK JAGRAN 13-02-2014




शाहजहांपुर : केंद्रीय आह्वान पर एनएफपीई से संबद्ध आल इंडिया पोस्टल इम्पलाइज यूनियन ग्रुप सी, पोस्टमैन एवं पीडीएस संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मांगों को लेकर प्रधान डाकघर के सामने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की। कर्मचारी झंडे और बैनर लिए थे।
हड़ताल के कारण डाकघरों में ताले लटके रहे जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधान डाकघर के अलावा कचहरी, कृष्णानगर, शाहजहांपुर सिटी, एसीएफ, आरएल रोजा, बंडा, जलालाबाद आदि डाकघरों में कार्य नहीं हुआ। ग्रुप सी के अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने कहा कि हड़ताल को सभी ने मिलजुलकर सफल बनाया है। सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों पर कुठाराघात करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की शक्ति का आकलन करने की भूल न करे और उनके धैर्य की परीक्षा न ले अन्यथा आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। ग्रुप सी के मंडलीय सचिव सुरेंद्र कुमार चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है जिससे वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि पीएफडीआर, डीए बिल को समाप्त कर सभी के लिए वैधानिक पेंशन स्वीकृत की जाए और खाली पदों पर भर्ती सुनिश्चित की जाए। ग्रुप सी कोषाध्यक्ष राकेश सक्सेना ने कहा कि अनुकंपा आधारित नियुक्ति पर सरकार कम ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त किया जाए। पोस्टमैन यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद ने कहा कि कर्मचारी अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए हड़ताल पर हैं। बीडीएस के विष्णुदत्त मिश्र ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों का नियमतीकरण होना चाहिए। संचालन सुरेंद्र चौहान ने किया। इस मौके पर रजनीश शुक्ल, मधुबाला श्रीवास्तव, श्रीपाल गुप्ता, मुनीश शुक्ल, प्रशांत गुप्ता, ब्रह्मा सिंह, महेश, राजेशवरी, ऋचा सक्सेना, देशराज, देवेंद्र स्वरूप, अमित यादव, जमशेद, महेश चंद्र, संगीता, डीआर राना, एके निगम, कृष्णपाल, अशोक दीक्षित, मंजू कश्यप, आशा जौहरी, मंजू श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम, हरिशंकर, पुत्तन खां, राघवेंद्र, मनीश, निर्मला देवी, अनिल कुमार, जमाल, गेंदा देवी, चंद्रोदय, राजेश कुमार, जितेंद्र, संजीव, रामौतार, जगदीश प्रसाद, वीरेश, ओमप्रकाश अवस्थी, अरुण कुमार, अनिल यादव, अरविंद यादव, रामदास, पवन वर्मा, आशाराम, मंसूब हसन, शुजात उल्ला, पीएल भास्कर, अनूप कुमार, हरद्वारी, अजय सिंह, राजेश कुमार, रविमोहन, रविंद्र पाल और आरएस विंद मौजूद थे।

(Hindi news from Dainik Jagran, newsstate Desk) dtd -13-02-2014

AMAR UJALA - 13-02-2014
कार्य बहिष्कार कर, शुरू की दो दिवसीय हड़ताल
- हड़ताल से फार्म आवेदनकर्ता हुए परेशान
- सरकार विरोधी एवं मांगें पूरी कराने को की नारेबाजी
- प्रधान डाकघर में पोस्टल इंप्लाइज यूनियन संगठन हुए एकजुट
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। डाक कर्मियों की 15 सूत्री मांगों के पूूरा न होने पर शहर के प्रधान डाकघर में डाक कर्मचारियों ने केंद्रीय आह्वान पर जमकर प्रदर्शन करने के साथ ही कार्य बहिष्कार भी किया। इससे सबसे अधिक परेशानी उन आवेदनकर्ताओं को हुई, जो पोस्टल आर्डर खरीदकर अपने फार्म को डाक के माध्यम से भेजना चाहते थे।
बुधवार को एनएफपीई से संबंद्घ आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन  ग्रुप ‘सी’, ग्रुप ‘डी’, पोस्टमैन एवं ग्रुप ‘ईडी’ चारों डाक संगठनों के कार्यकर्ता प्रधान डाकघर में एकत्रित हुए। इसके बाद डाकघर के मुख्य गेट में तालेबंदी करके वहां पर नारेबाजी शुरू कर दी। झंडे बैनर लिए डाककर्मियों ने किसी को भी डाकघर में अंदर नहीं जाने दिया। डाक कर्मियों ने हड़ताल को सफल बनाने और मांगों को पूरा कराने के लिए विचार-विमर्श भी किया।
आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन ग्रुप ‘सी’ के अध्यक्ष ए0पी0 सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की शक्ति परीक्षा न लें अन्यथा कर्मचारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। पोस्टमैन यूनियन अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद ने कहा कि कर्मचारियों पर कार्य का बोझ बढ़ रहा है। इसके बावजूद सरकार भर्तियां नहीं कर रही है। ईडी के मंडलीय सचिव विष्णुदत्त मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों का नियमितीकरण होना चाहिए। साथ ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा भी दिया जाना चाहिए। 
हड़ताल में इनकी रही सहभागिता
हड़ताल में सहभागिता करने वालों में सुरेंद्र कुमार चौहान, राकेश सक्सेना, रजनीश शुक्ला, मधुवाला श्रीवास्तव, विद्यासागर मिश्रा, श्रीपाल गुप्ता, मुनीश शुक्ला, प्रशांत गुप्ता, ब्रह्मा सिंह, महेश, रामप्रताप, राजेश्वरी, रिचा सक्सेना, देशराज, देवेंद्र स्वरूप, अमित यादव, संगीता, जमशेद, महेश चंद्र आदि रहे।
15 सूत्री मांगपत्र में से कुछ खास मांगे
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1. ग्रामीण डाकसेवकों सहित केंद्रीय कर्मचारियों को अंतरिम राहत।
2. अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति।
3. महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत वेतन तथा पेंशन में शामिल करना।
4. सभी कर्मचारियों को पांच प्रमोशन, खाली पदों को भरा जाए।
5. पेंशन तथा फैमिली पेंशन, ग्रेच्युटी आदि कर्मचारियों को मिले।

ये कार्य हुए प्रभावित -
डाक कर्मियों की हड़ताल के चलते एफडी, मासिक जमा योजना सहित तमाम योजनाओं के तहत जमा-निकासी नहीं हो सकी। इसके साथ ही रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ड, डाक वितरण, बुकिंग, पोस्टल आर्डर एवं डाक टिकट बिक्री आदि कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुए।

कर्मचारियों से भरवाया घोषणा पत्र -
ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के सभी ग्रुपों के पदाधिकारियों ने हड़ताल में शामिल होने पहुंचे सभी कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने संबंधी घोषणा पत्र भी भरवाया, जिससे कि उनके हड़ताल में शामिल होने की पुष्टि हो सके।




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GATE MEATING - 11-02-2014
 HEAD POST OFFICE SHAHJAHANPUR





Monday, January 6, 2014

हरिओम पवार की रचना -

मै अदना सा कलमकार हूँ घायल मन की आशा का ,
मेरा कोई ज्ञान नहीं है छंदों की परिभाषा का ,
जो यथार्थ में दीख रहा है मै उसको लिख देता हूँ ,
कोई निर्धन चीख रहा है मै उसको लिख देता हूँ ,
मैंने भूखो को रातों में तारे गिनते देखा है ,
भूखे बच्चों को कचरे में खाना चुगते देखा है ,
मेरा वंश निराला का है स्वाभिमान से जिन्दा हूँ ,
काले धन और... निर्धनता पर मन ही मन शर्मिंदा हूँ ,
मैं शबनम वन्दन के गीत नहीं गाता ,
चन्दन अबिनंदन के गीत नहीं गाता ,
दरबारों के सत्य बताता फिरता हूँ ,
काले धन के तथ्य बताता फिरता हूँ ,
जहाँ हुकूमत का चाबुक कमज़ोर दिखाई देता है ,
काले धन का मौसम आदमखोर दिखाई देता है ………….

काला धन वो धन है जिसका टैक्स बचाया जाता है ,
अक्सर ये धन सात समुंदर पार छिपाया जाता है ,
काले धन की अर्थव्यवस्था निर्धन को पूरा रुलाती है ,
झोपड़ पट्टी के बच्चों को खाली पेट सुलाती है ,
ये निर्धन के हिस्से की इमदादों को खा जाती है ,
मनरेगा के अन्त्योदय के वादों को खा जाती है ,
बॉलीवुड की आधी दुनिया काले धन पर जिंदा है ,
चुपके चुपके चोरी चोरी दो नंबर का धंधा है ,
काले धन की फ़िल्मी दुनिया इन्द्रधनुषी रंगों में है ,
पर दुनिया में हमारी जगह नंगे भिखमंगों में है ,
काले धन के बल पर गुंडे निर्वाचित हो जाते हैं,
भोली भाली भूखी जनता पर गर्वित हो जाते हैं,
जैसे सोमनाथ का मंदिर लूट लिया था गजनी ने,
भूजल जंगल लूट लिया है खनिज खनन की चोरी ने ,
खनन माफिया काले धन के बल पर ऐठे ऐंठे हैं ,
स्विस बैंकों की संदूकों के तालों में जा बैठे हैं ,
गौड़ पार्टीकल खोजी है फ्रौड़ पार्टी कल खोजो ,
जो काले धन के वारिश हैं उनका आज और कल खोजो ,
खुशियों के आँगन में क्यों,गम के बादल मडराते है I
त्योहारों पर भी अब ,सब आपस में लड़ जाते है I
सेवा है मूल सभी धर्मो का,पाप से बचकर रहना सब I
क्यों हम मानवता के रिश्तों को तार -तार कर जाते है I

                                                                       

                                                                           - अरुण प्रताप सिंह भदौरिया
काश अब कोई जिन्दा नजर  आये ,
मुर्दापरस्ती से हमें भी बचाय I
सच को शूली पर जिन्होंने है टांगा,
उन्हें मौत की सजा तो सुनाये I
काश अब कोई ज़िंदा नजर आये I I

                                                    - अरुण प्रताप सिंह भदौरिया